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जिले के 6 सहकारी समितियों में परिसमापक नियुक्त
जगदलपुर, 05 अगस्त 2025/ उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जगदलपुर द्वारा बस्तर जिले के 06 सहकारी समितियों प्राथमिक जलग्रहण दुग्ध सहकारी समिति कोयपाल (तोकापाल), दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मांझीगुड़ा (दरभा), तिरंगा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति केशापुर (दरभा), प्राथमिक गुण्डाधुर दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति नेतानार (जगदलपुर), प्राथमिक सेमरिया माता आदिवासी मछुआ सहकारी समिति छापर भानपुरी (लोहण्डीगुड़ा) तथा अमृत दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति जगदलपुर को छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 69(3) के अन्तर्गत परिसमापन में लाया जाकर धारा 70 के अन्तर्गत संबंधित समिति हेतु परिसमापक नियुक्त किया गया है। अतएव सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 71 तथा सहकारी सोसायटी नियम 1962 के नियम 57 (ग) के अनुसार यह सूचना सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाता है कि इन सहकारी समितियों के विरूद्ध जो भी लेनदारियां तथा ऋण लेना बकाया निकलते हो, वे प्रमाण सहित अपने दावे यदि कोई हो तो इस सूचना के प्रकाशित होने के दो माह की अवधि के भीतर उपायुक्त सहकारिता कार्यालय में या संबंधित परिसमापक के पास कार्यालयीन समय में प्रस्तुत कर सकते हैं। उक्त अवधि के पश्चात प्राप्त दावों पर कोई भी उत्तरदायी मान्य नहीं होगी और संस्था की उपलब्ध लेखा पुस्तकों लेखबद्ध समस्त दायित्वों को उक्त कथित नियम के अन्तर्गत परिसमापक को विधिवत प्रस्तुत किया गया है माना जाएगा।
उपायुक्त सहकारिता ने जानकारी दी है कि जिस व्यक्ति समिति के सदस्य या भूतपूर्व पदाधिकारी या कर्मचारी के पास उक्त सहकारी समितियों से संबंधित कोई भी कागजात सामान एवं रोकड़ हो प्रकाशन की तिथि से 15 दिन के भीतर इस कार्यालय में जमा करें या लिखित में सूचना देवें अन्यथा समय उपरांत यदि किसी व्यक्ति के पास इन समितियों का कोई भी रिकार्ड या सामान आदि की जानकारी प्राप्त होने या ऐसा सिद्ध होने पर उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी और जिसके लिए सम्बंधित स्वयं जवाबदार होंगे।
